प्यार के ज़ख़्म

गहराई प्यार मे हो तो बेवाफवीई नही होती,

सचे पियर मे कभी तन्हाई नही होती ,

मगर प्यार ज़रा संभाल कर करना,

कियोकि,

प्यार के ज़ख़्म की कोई दबायनाह्ी होती….

हे दोस्टतो मेरा नाम शानू हे मे आपको मेरी सहही लव स्टोरी बता राहओ जो अबी तक पूरी नही हुई हे लेकिन एक दिन पूरी होगी इंशाल्ला. मे राजगार(म.प.) का रहने बाला हू ओर बो जिससे मे बहुत इस्ख कराता हू उसका नाम रुखसार हे ओर वो कुरवार मे रहती हे कुरवर् मे मेरी सिस्टर की शादी हुई हे वही पे वो मुझको मिली थी हमारी आएसी ही नॉर्माली बात होती थी, एक दिन एक नये नंबर से फ़ोन आया बो फहोने मेरी सिस्टर का था उनने मुझसे बोला के शानू ये रुखसार के नंबर हे इसे सवे करलेणा
ओक मेने खा ठीक हे, दोस्तो मेरी एस एम एस करने की आदत मेने दो तीन दिन बाद उस नंबर पर सायरी बेल एस एम एस किए
तो उदार से बी एस एम एस आए फिर आएसए ही एस एम एस का सिलसिला चलने लगा, ओर बात बी होने लगी लेकिन हमने काबी बी पियर मोहब्बत की बाते नही करी लेकिन मे उससे पियर कराता त्त इसलिए मेने उससे एक दिन बोला\ रुखसार ई लव यू तो वो नाराज़ हो गई ओर वो मुझसे वॉली के मेने तो सिर्फ़ तुमको दोस्त माना लेकिन लेकिन तुम बहुत खराब हो मे तुमसे पियर नही कराती ओर मुझ से खा के अजके बाद मुझसे बात मत करना ओर एस एम एस बी मत करना उसस्के बाद मेने उससे एस एम एस नही किया फिर एक दिन मे कुराबार गया बहा पर मेरी सिस्टर का घर ओर उसका घर करीब ही था मे मेरी सिस्टर के घर गया तो रुखसार को पता चालगया के मे यहा आया हू तो बो मेरी सिस्टर के घर आ गया मेने उसको देखा ओर वो मुझको देखती रही उसस्के बडबो घर चलीगाई उसस्के बाद उसकी मम्मी आयआई ओर मुझसे बोली के शानू आज हमारे यहा आपकी दबत हे(इनवट) आपको खाना काके झाना होगा मेने खा ठीक हे फिर बाद मे उसका एस एम एस आया आप मुझसे बोल कीयू नही रहे हो मेने एस एम एस करके ख़ह किय बोले जब आपने बीच कुछ रहा नही तो बोलू कीयू तो उसने एस एम एस किया के हम दोस्त हे फिर यूयेसेस दिन से हम हर काबी बात किया करते थे एक दिन उसे मेरी ग्र्ल फ़्रेंड जो उससे पहले की थी उसका नाम सोनू था जिससे पियर नही कराता था उसस्के बड़े मे उसे पता चलगया उसने मुझसे बोला तो मेने उससे खा था मे उससे पियर नही कराता मगर उसने नही माना तो मेने उससे खाहा के तूमे उससे किया तुम तो सिर्फ़ दोस्त होना तो वो नाराज़ हो गई ओर उसने जब से एस एम एस बी नही किया मेने उससे कितनी बार कहा के मे सिर्फ़ तुमसे पियर कर्टया हू लेकिन बो नही मानी दोस्तो आज 25 दिन दिन हो गये हे उसका कोई फहोने नही आया मगर मुझे बिस्वास हे के बो बी मुझसे पियर कराती हे ,

दोस्तो उसकी याद बहुत आती हे काबी काबी तो मे रोने लगज़ता हू अब आप ही बताओ मे किया करू दोस्तो ये मेरे नंबर हे 9770803070 प्ल्ज इस पर एस एम एस करो मुझे बताओ के मे किया करू, मे उससे भुला नही सकता आप उपर वाले से दुआ करना के हम दोनो मिल जाए

फ़ेसबुक लव स्टोरी

10 डेक 2010 को मैं पहली बार गोल्डी से फ़ेसबुक पर मिला हम दोनो अच्छे फ्रेंड थे देखते ही देखते मुझे उससे प्यार हो गया ओर इस हड्द तक हुआ की मुझे हर जघा वो ही दिखाई देती थी बस सुबे शाम उससे बात करते रहना बस उसके सिवा कुछ दिखाई नही देता था ,

फिर मैने 14 फेब को उसे परपोसे किया लकिन उसने म्ना कर दिया क्योकि वो मुझसे 1 साल बड़ी थी ओर जब वो मुझे प्यार भी नही कराती थी बस पसंद कराती थी ,

लकिन मैने हार नही मानी उसे ओर ज़यादा चाहने लगा मैने घर भी बीटीये दिया था की मोम मुझे 1 लड़की पसंद है ओर मैं उससी से षड्दी करूँगा मोम ने कहा ओक कर लियो पहले ब्डा तो हो जा ,

ओर मज़े की बात तो ये है की मैने जब तक उसे देखा ही नही था मुझे बिना देखे प्यार हो गया था उससे
उस दिन पता चल की प्यार को अँधा क्यो कहते है ,

वो देल्ही मे रहती है , ब’टेक कर रही है …ओर आख़िर वो 23 मे 2011 को वो दिन आ गया जब उसने मुझे आक्सेप्ट किया उस दिन तो मैं खुशी से पागल हो गया था इतनी खुशी मुझे कभी नही हुई थी मैने आपनो दोस्तो को लिद्डो बार मे पार्टी दी ,

मैने उसे कहा की तुम आपनी पिक भेज दो तुंजे देखने का दिल कर रहा है उसने आपनी 3 पिक मुझे भेज दी , लकिन मुझे अजीब तब लगा जब मैने उसकी वो सब पिक किसी ओर की प्रोफाइल मे लगी हुई देखी , ओर जबकि उसने कहा था की उसने आपनी 1 पिक ही आज तक लगाई है फसेबोक पर ,

मैने फिर भी इतना ध्यान नही दिया मुझे लगा की किसी ने कॉपी करके लगा दी होगी मैं उस बात को इग्नोर कर दिया , ओर उसे इस बड़े मे कुछ नही ब्टाया,

हुँने कभी 1 दूसरे से पीयेच पर बात नही की ना ही कभी मिले बस फ़ेसबुक पर चाट करते थे , मैने उससे नंबर काफ़ी बार माँगा था लकिन उसने दिया नही बोलती थी प्ल्ज़्ज़ अगर तू मुझसे प्यार कराता है तो मुझसे फोर्से नही करेगा ओर मैं चुप हो जाता था

एक दिन मैने उसे कहा की तुझे देखने का दिल कर रहा है प्ल्ज़ आपनी पिक भेज दे ना कोई , क्योकि मैने पहली वाली सारी पिक डेलीट कर दी थी उसने मुझे पिक भेज दी मैने मेरे बेस्ट फ्रेंड मोहित को ब्टाया की मुझे इससे प्यार है उसने कहा नवी तुझे बुरा ज़रूर लगेगा लकिन ये लड़की झुत बोल रही है क्योकि इसकी कोई भी पिक मॅच नही कराती उसकी हर पिक पहले वाली से अलग होती थी मैने उसे भी इग्नोर कर दिया ओर मोहित को ही कहा की तुझे तो जलन हो रही है वो मुझसे झुत नही बोल सकती वो मुझे बहुत प्यार कटी है

सबसे ज़यादा अजीब तो मुझे तब लगा जब मैने उसकी वो सारी पिक भी किसी ओर की प्रोफाइल देख ली थी ओर उसमे 1 पिक तो आयसी थी की जो उसने मुझे नही दी थी ओर उसमे लड़की सेम थी बस कपड़े चेंज थे वो पिक मुझे नेट से मिली ,

ओर 30 जून 2011 को पता नही उसे क्या हुआ उसने मुझे कहा की मैने तुजमहरे बड़े मे घर बात की थी की मुझे1 लड़का पसंद है फ़ेसबुक पर काफ़ी अछा है तो मोम ने मुझे खूब दांता ओर कहा की आज के बाद उससे कभी बात मार करना ,

मैने उससे कहा यार आज तक तूने मेरी आवाज़ भी नही सुनी ओर तू मेरे बड़े मे घर बार कर रही है पहले मुझसे बात तो कर लेती लकिन उसने कहा की नही मैने कर ली बस ,

ओर कहने लगी नवी ह्मारा रिश्ता आयेज नही भाड़ सकता प्ल्ज़्ज़ इससे यही ख़त्म कर दो मैने कहा ह्मारा मिलना ना मिलना तो भगवान के हाथ मे है हम प्यार तो कर सकते है ना एक दूसरे से , लकिन उसने इसके लिए भी म्ना कर दिया ओर कहा की हम सिर्फ़ दोस्त रह सकते है मैने कहा चल जयसा तुझे अछा लगे

वो मुझसे अच्छे से बात नही कराती थी बस बिज़ी रहती थी मैं 10 म्स्ग कराता था तब वो 1 जवाब देती थी ओर मैं उसी मे खुश होकर सब बाते भूल जाता था

1 दिन मैने उसे कहा की मैने तेरी कुछ पिक किसी ओर की प्रोफाइल मे देखी तो खाने लगी अगर तुम्हे मुझ पर विश्वश नही है तो मुझे डेलीट कर दो लकिन मैं तो उससे प्यार कराता था ना इसलिए उसकी हर बात को सच मन लेते था ,

वो हर बात पर मुझे उल्टा जवाब देने लग जाती थी अजीब सा स्वभाव हो गया था उसका ,

फ़ेसबुक पर उसका 1 भाई ब्ना हुआ था उसने मुझे कहा की तो उसे पाटने की कोशिश कर रहा है क्या मैने कहा नही तो कहने लगा की मुझे पागल मत ब्ना उसने मुझे सब बीटीये दिया बोल रही थी की नवी मुझे बहुत परेशन कराता है च्छेप हो जाता है मैने कहा अगर आयसी कोई बात है उसने मुझसे क्यो नही की मैं उसकी लाइफ से दूर चला जाता तो कहने लगा तुझे मैं उसकी प्रोफाइल से डेलीट करवा दूँगा ,

मैने कहा ठीक है जी करवा देना अगर वो भी एसा ही चाहती होगी तो कर देगी , तो वो ऑनलाइन आई जब मैने उस कहा की तेरा भाई बोल रहा था मैं तुझे परेशन कराता हू ओर वो मुझे तेरी प्रोफाइल मे से डेलीट कर देगा तो उसने कहा तू उसकी बात क्यो मानता है वो तो तुझसे जलता है इसलिए एसा बोल रहा है तू उसकी बातो पर ध्यान मत दे मैं पागल नही हू जो तुझे डेलीट करूँगी ,

ओर सच बात तो मुझे जब पता चली जब मैं शाम को ऑनलाइन हुआ मुझे शॉल लगा क्यो की उसने मुझे आपनी प्रोफाइल से डेलीट कर दिया था ….मैने उसे कहा की मन ली ना उसकी बात कर दिया ना डेलीट तो कहने लगी मैने उसकी बात मन कर डेलीट नही किया कुछ ओर रेसों है मैने कहा तू चाहे कुछ भी बोल लकिन सच्चाई तो तू भी जानती है ओर मैं भी ,

फिर मैने उसे उसकी सारी पिक वापिस दे दी मैने कहा ले जाते जाते तेरी अमानत तो लेती जा तो जो 2 पिक उसने मुझे पहले दी था उनके बड़े मे कहने लगी ये पिक मेरी नही है मैने कहा लकिन यार ये तूने मुझे जिस दिन ई लव उ कहा था उसके अगले दिन दी थी तो कहने लगी दे दी होगी जब मैं तुझ पर विश्वश नही कराती होगी ,

मैने कहा तू मुझे प्यार करने लग गयी लकिन मुझे पर विश्वश नही कराती थी , तो उसने कहा की मेरे सामने ये प्यार व्यार की बाते मत करो

मैने कहा चलो अछी बात है आज पता तो चल गया की तूने मुझे कभी प्यार नही किया चल मैं तो याहिदुआ करूँगा की तू जहा भी रहए खुश रहे ,
क्यो की

सच्चे प्यार की मतलब सिर्फ़ उसे हासिल कर लेना नही होता … जिससे हम प्यार करते है उसकी खुशी मे हिपयर की जीत होती है

ओर उसने मुझे ब्लॉक कर दिया फिर कभी मुझसे बात नही की ओर शायद मुझे भूल भी गयी हो

लकिन मैं उसे कभी नही भूल सकता क्योकि मैने तो प्यार किया था ना इसलिए इस जानम तक तो उसे भूल नही सकता ओर ना ही उससे कभी नफ़रात कर सकता क्योकि वो जयसा भी है मेरा प्यार है

चारू – एक लड़की की स्टोरी

मेरा नाम “चारू” है और आज मैं आपसे आपने रियल लव स्टोरी शेयर करने जा रहे हू उमीद करते हू आपका कोई ना कोई जवाब ज़रूर आएगे. प्लीज़ मेरे इस स्टोरी को अच्छे से पढ़ना.

एक लड़की जिसका नाम ‘’चारू” है वो एक लड़की से बहुत प्यार करते है जिसका नाम “हितेश” है. चारू हितेश से आपने जान से भी जादा प्यार करते है अभी कुछ टाइम पहले कुछ बातें ऐसे हुए जिस कारण हितेश को लगता है के चारू उसे सॅचा प्यार न्ही करते मेरे स्टोरी पढ़ के बाद प्लीज़ आप सब मुझे रिप्लाइ करना के इसमें चारू हितेश से प्यार करते थे या न्ही या उसका प्यार जूता था हितेश के लिए.

चारू के बात हितेश से लास्ट एअर हुए थे यह बात 2010 मे के है. हितेश का फोन चारू के पास आता है गलते से रॉंग लग्के बुत हितेश चारू को फरंदशिप के लिए प्रपोज़ कराता है और चारू हा कर देते है. दोनो एक दूसरे को बिना देखे बात करते है और दोनो में प्यार हो जाता है और हितेश का नेचर बहुत चेंज है उसने चारू को पहले हे सब बता दिया था के मैं बहुत गुस्से वाला हू मैं आपने एज किसी केन ही सुनता बुत फिर भी चारू उसे बात करते है और आपने जान से भी जादा प्यार करते है उसके लिए कुछ भी करने को टायर है. फिर एक दिन दोनो मिलते है और दोनो एक दूसरे को पसंद भी आ जाते है. हितेश स्टार्टिंग में तो चारू से बहुत प्यार कराता है और चारू को उसका प्यार नज़र भी आता है. हितेश चारू से शादी करना चाहता है. एक दिन हितेश आपने फॅमिली से मिलवाने के लिए उसे आपने घर लेके जाता है उसके मम्मी को चारू पसंद आ जाते है बुत हितेश के फादर न्ही है तो वो बचपन से हे आपने मामा और नाना के साथ रहता है तो उसके मम्मी चारू से बोलते है के मेरे पापा और मेरे भाई तुम दोनो के शादी के लिए हा न्ही करेगे क्यूंकी (चारू और हितेश दोनो अदर कास्ट है ). लेकेन फिर भी हितेश ने कहा चारू को के कोई बात न्ही मैं फिर भी मैं तुमसे हे शादी करूगा. चारू का प्यार हितेश के लिए और बढ़ता गया और ढेरे ढेरे चारू को हितेश का प्यार देखना कम हो जाता है. हितेश चारू को पहले के तरह फोन न्ही कराता था अगर चारू उसे फोन करे तो हितेश उसे फोन कर लेते था चारू को हितेश के फोन में लड़कियो के एस एम एस मिलते है हर बार जब भी वो हितेश से मिलते है वो हितेश का फोन चेक करते है और उसमें लड़कियो के एस एम एस देखते है. बुत हितेश कोई ना कोई सफाई दे देता है के ऐसा कुछ नही है यह उसके दोस्त के ग्र्ल्फ़रणड है. और चारू हर बार उस पे ट्रस्ट कर लेते है और उसे आपने हितेश पर ट्रस्ट होता है.
हितेश आपने मासी के देवेर (अजय) को बहुत अछा मानता है और उन्हे वो भैया बोलता है. एक दिन हितेश ने आपने भाई अजय से चारू को मिलवाया और अजय भाई मॅरीड है उनके 2 बचे भी है उनके शादी को 9.य्र्स. हो गये है. तो उसके भाई अजय चारू को बोलते है के कभी भी आपको हितेश तंग करे तो मुझे फोन करना इसे मैं बटौगा तो चारू हितेश के भाई अजय का फोन नो. ले लेते है और उसे आपना फोन नो. चारू दे देते है यह सारे बात हितेश के सामने होते है. हितेश भी बोलता है के है भाई अजय का नो.तुम ले लो. हितेश बहुत गुस्से वाला होता है तो वो हमेशा चारू से लड़ाई कराता रहता है जब हितेश का मूढ़ खराब होता है तब. लाइकन फिर भी चारू का प्यार उसके लिए कभी कम न्ही होता हितेश का नेचर बहुत चेंज हो जाता है. चारू हितेश के लिए दिन रात रोते रहते है वो आपने लाइफ में किसी के लिए इतना न्ही रोहय जेटना वो हितेश के लिए रोहय है बुत फिर भी हितेश को उसपे कोई तरस न्ही आता था छोटे छोटे बात पे हितेश चारू से गुस्सा हो जाता था और चारू से 1-2 वीक तक बात न्ही कराता था और चारू उसे फिर ब इतना प्यार करते थे जब हितेश चारू से बात न्ही कराता था तो चारू हितेश से मिलने वाहा जया करते थे जहा हमेशा हितेश चारू से मिला कराता था मेट्रो स्टेशन पे बुत हितेश न्ही आता था चारू से मिलने और चारू हितेश का पूरा पूरा दिन इंतेज़ार किया करते थे के हितेश आएगा बुत वो नही आता था चारू 2.दिन रोज़ वाहा गये उसे मिलने और उसका इंतेज़ार किया बुत वो दोनो दिन चारू से मिलने न्ही आया चारू कितने बार रात को 10-11.प.म तक उसका इंतेज़ार किया करते थे और हितेश को बोलते थे के मैं तुमसे मिलके हे जौगे वरना मैं पूरी रात यहे खधे हू चारू बिना कुछ सोचे के रात को क्या होगा उसका बुत फिर भी वो उसका इंतेज़ार किया करते थे और हितेश देर रात 11.बजे उसे मिलने आया 1.दिन तब चारू उसे मनके वापिस आपने घर गये चारू ने बहुत कुछ सहा उसके लिए क्या कुछ न्ही किया चारू ने हितेश के लिए. लाइकन फिर भी हितेश को उसके कोई परवा न्ही थे तो भी चारू बोलते थे के आप जैसे भी हो मुझे आपसे हे प्यार है आप मुझसे प्यार करो या मत करो मैं आपसे प्यार करते हू और करते रहोन्गे. एक बार हितेश ने चार! उ से 1.म ओंठ तक बात न्ही के फिर एक दिन हितेश ने चारू से कहा के मैं कुछ टेन्स हू तो तुम मुझे कुछ टाइम दो मैं तुमसे 6.मंत तक बात न्ही करूगा तुम मेरा इंतेज़ार करो और इन 6.मंत्स में ना हम एक दूसरे को कोई एस एम एस करेगे और ना हे कोई फोन. चारू उसे बहुत प्यार करते थे चारू हितेश के इस बात से भी अग्री हो गये और चारू ने हितेश से कहा मैं आपका 6.मंत. तक क्या मैं आपका 6.य्र्स. तक इंतेज़ार कर सकते हू अगर आप मेरे हो तो. फिर हितेश और चारू के बात होने बिल्कुल बंद हो गये. फिर हितेश का भाई है अजय उसका फोन और एस एम एस कभी कभी चारू के पास आया करते थे और चारू भी अजय भाई को एस एम एस कर दिया करते थे और अजय भाई शादी से पहले एक लड़की से बहुत प्यार कराता था जिसका नाम “अंजलि” था उसने इस बड़े में हितेश को और चारू को बताया था फिर एक दिन अजय भाई चारू को बोलते है के उनके ग्र्ल्फ़रणड के शादी होने जा रहे है. तो अजय भाई के और चारू के रोज़ बात होने लगे एस एम एस में और कभी कभी फोन पे भी. अजय भाई चारू के एज फोन पे बहुत रोहया करते थे के मैं आपने अंजलि से बहुत पायर कराता हू और उसके शादी हो रहे है और चारू उन्हे बहुत संजया करते थे के कोई बात न्ही जैसे आपने शादी के है आप आपने लाइफ में सेट्ल हो गये हो इसे तरह अंजलि भी आपने लाइफ में सेट्ल हो रहे है. अंजलि और अजय भाई का प्यार 10य्र्स. पुराना था तो अजय भाई बहुत टेन्स थे. फिर 1.मंत बीट गया फिर एक दिन हितेश के दोस्त का फोन चारू के पास आता है के हितेश को फोन करो वो आपसे बात करेगा. तो चारू हितेश को फोन करते है और दोनो के फिर 1.मंत बाद हे बात स्टार्ट हो जाते है. तो चारू ने हितेश को अजय भाई के बड़े में सब कुछ बता दिया के अजय भाई से मेरे एस एम एस में बात होते है . हितेश ने कुछ न्ही कहा चारू को. फिर अजय भाई के और चारू के बात एस एम एस में बहुत जादा होने लगे और अजय भाई हितेश के बड़े में चारू को उल्टा सीधा बताया करते थे के वो आपके लिए सहे न्ही है आप हितेश को छोढ़ दो उसके लाइफ में बहुत सारे और लड़किया है. हितेश आज उस लड़की से मिलने गया था और कल उसे मिलने गया था रोज़ ऐसे हे हितेश के बड़े में अजय भाई बोलते रहते थे बुत चारू हितेश से ब! आहूत प्या र करते थे के कोई बात नही मुझे आपने हितेश पे ट्रस्ट है वो ऐसा कुछ न्ही कर सकता. अजय भाई चारू से बोलते थे के हितेश को आप भूल जाओ अभी भी टाइम है. चारू ने यह सारे बात हितेश को बता दे के अजय भाई आपके लिए यह सब बोलते है क्या यह सच है तो हितेश फिर कोई ना कोई सफाई दे दिया कराता था चारू उसपे फिर ट्रस्ट कर लिया करते थे. हितेश ने चारू से कहा के अजय भाई से बात करने कम कर दे उनके घर में सब अजय भाई पे शक़ करते है. चारू ने अजय से बात करने काम कर दे. फिर एक दिन हितेश ने चारू से कहा उसके मासी ने आपने देवेर अजय भाई के फोन में चारू के एस एम एस देखे है. तो हितेश के मासी ने हितेश से कहा के चारू और अजय के बेच में कुछ चल रहा है. तो हितेश ने चारू को फिर कहा के अजय भाई बात मत किया कर . चारू ने हितेश से कहा के हमारे बेच में ऐसा कुछ न्ही है ठीक है मैं अजय भाई को बोल दूगे के मुझसे आज के बाद बात ना करे और चारू ने ऐसा हे किया अजय भाई को सब कुछ बता दिया के आपके भाबी हम दोनो पे शक़ करते है इसलिए मैं आज के बाद आपसे कोई बात नही करुगे. अजय भाई भी मन जाते है इस बात पे. फिर नेक्स्ट दे हितेश चारू से बोलता है के अजय भाई से बात कर ले बुत कम और धीरे धीरे दूर हो उनसे अचंक न्ही. तो चारू हितेश के यह बात भी मन लेते है. चारू हितेश से पूछे बिना कोई काम न्ही करते थे कहे भी जाना होता था पहले हितेश से पूचेटे थे और फिर चारू कहे जया करते थे और हितेश से सारे बात शेयर किया करते थे चारू. चारू और हितेश के बेच में अभी लड़ाई तो हुआ हे करते थे क्यूंकी हितेश था गुस्से वाला. फिर एक दिन अजय भाई ने चारू को बताया के उनका कोई भी न्ही है यहा वो बहुत अकेला महसूस किया करते थे आपने आप को जब से अंजलि के शादी हुए थे और चारू से बोलते थे के मेरे वाइफ मुझसे बात न्ही करते , मेरा भाई मुझसे सहे से बात न्ही कराता घर में सब मुझे हे ग़लत संजते है. चारू ने अजय भाई से कहा के भाई ज़रूर इसमें आपके भी कोई गलते होगे क्यूंकी तले कभी एक हाथ से नही बजते. अजय भाई ने कहा चारू को के मेरे कोई गलते नही है तुम भी मुझे ग़लत समाज रहे हू. और अजय भाई चारू के एज ब! आहूत जड़ आ रोहया करते थे और चारू सिर्फ़ उन्हे होसला दिया करते थे. फिर एक दिन अजय भाई ने चारू को मीन्स आपने भटेजे के ग्र्ल्फ़रणड को ई लव उ कहा और चारू उन्हे सिर्फ़ आपना दोस्त मानते थे इसे जादा और कुछ न्ही बुत अजय भाई के मन में तो कुछ और हे था. चारू ने यह बात हितेश को न्ही बताए के अजय भाई ने मुझे ई लव उ कहा है. चारू फिर ब अजय भाई से नॉर्मली बात किया करते थे बस आस आ फ़्रेंड के उसे. लाइकन चारू का प्यार हितेश के लिए कभी कम न्ही हुआ. चारू 1-2 बार अजय भाई के साथ उनके बोलने पर मूवी देखने गये बिना हितेश को बताए. इस बेच अजय भाई ने बहुत से ऐसे बातें चारू को बोले जो अजय भाई को नही बोलने थे बुत फिर भी चारू ने हितेश को कुछ न्ही बताया. अजय भाई हितेश के लिए चारू को बहुत उल्टा सीधा बोलते थे बुत चारू अजय भाई के बात पर विश्वास न्ही करते थे उसे आपने हितेश पे ट्रस्ट था. अजय भाई चारू से पूछा करते थे के तेरे मन में क्या है मेरे लिए तो चारू हमेशा अजय भाई को यह हे बोला करते थे के मैं आपको आपना सिर्फ़ दोस्त मानते हू और हितेश के रिश्ते से आपको भाई मानते हू मेरे प्यार सिर्फ़ और सिर्फ़ हितेश है और कोई नही. तो अजय भाई चारू को बोला करते थे जो तुझसे प्यार न्ही कराता तुम उसे प्यार करते हो और मैं तुमसे बहुत प्यार कराता हू तुम मुझसे प्यार न्ही करते तो चारू ने कहा हा मैं आपसे प्यार नही करते और ना हे मैने कभी इस बड़े में सोचा है मेरा प्यार सिर्फ़ हितेश और कोई नही. और यह सारे बातें चारू ने हितेश को न्ही बताए. एक दिन अजय भाई ने चारू से कहा के चलो हितेश को देखते है के वो तुमसे प्यार कराता है या नही अजय भाई ने कहा के मैं हितेश को बोलता हू के चारू ने ज़हेर कहा लिया है और देखते है के वो तुमें फोन कराता है या नही अगर उसका फोन आया तो वो तुमसे प्यार कराता है और अगर न्ही आया मीन्स वो तुमसे प्यार नही कराता चारू ने अजय भाई से कहा के हितेश का फोन यह सुनके ज़रूर आएगे. अजय भाई ने हितेश को बोल दिया के चारू ने ज़हेर कहा लिया है और वो हॉस्पिटल में अड्मिट है उसे फोन करले तो हितेश ने कहा के रहने दो भाई चारू तो पागल है मरने दो उसे. 3 दिन बीट गये हितेश का कोई फोन न्ही आया चारू के पास के! वो जिन दा है या मार गये है. 4 दिन बात हितेश का फोन चारू के पास आता है और इस वजा से दोनो के लड़ाई को जाते है और दोनो को 2.वीक हो जाते है बात ना करे हुए. और अचंक एक दिन अजय भाई के फ़्रेंड अंजाई का फोन आता है भाई के पास और वो भाई से बहुत प्यार करते है शादी के बाद भी अजय भाई को न्ही भूल सके यह बात अजय भाई चारू को बातें है के मेरे अंजलि का आज फोन आया था और वो मेरे लाइफ में वापिस आ गये है. चारू ने फिर अजय भाई को कहा यह तो बहुत अच्छे बात है ठीक है आपको आपका प्यार वापिस मिल गया है अब मैं आपसे बात न्ही करुगे क्यूंकी मैने सिर्फ़ आपको सहारा दिया था अंजलि को भूलने के लिए अब वो आ गये है वापिस तो अब मैं क्यू करू आपसे बात अजय भाई नही मैने चारू के बात को. बुत फिर भी चारू ने बात करने बंद कर दे थे अजय भाई से और फिर उनके भी एस एम एस आने बंद हो गये थे चारू के पास. इन दीनो हितेश ने अजय भाई के फोन में चारू के एस एम एस देखे और हितेश का दिमाग़ खराब हो गया के अजय भाई और चारू के बेच में कुछ चल रहा है. और हितेश और चारू के ऑलरीडी 2.वीक से बात बंद थे लड़ाई हो गये थे दोनो के. और नेक्स्ट दे हे हितेश चारू को मिलने के लिए बुलाता है और चारू इन सब बताओ से अंजन है. चारू हितेश से नेक्स्ट दे मिलने जाते है फिर हितेश चारू से पूचेटा है के तेरे और अजय भाई के बेच में क्या चल रहा है. चारू ने हितेश को सब कुछ बता दिया के मेरे मॅन में अजय भाई के लिए कुछ भी नही है वो मुझसे प्यार करते है बुत मैं नही करते मेरा प्यार तो आप हो हितेश. बुत हितेश उसके बात पे ट्रस्ट न्ही कराता चारू रोते है उसे एज के प्लीज़ मेरा ट्रस्ट करो मेरे मन में कुछ न्ही है अजय भाई के लिए. हितेश ने चारू से कहा फिर तूने मुझे यह सब पहले क्यू न्ही बताया चारू ने कहा के मैं कैसे आपको यह सब बोलते मुझे आपके घर में आना है भौ बनके और मैं पहले दो भाइयो में लड़ाई करवा के आपने इमेज आपके फॅमिली में डाउन करना न्ही चाहते थे. इसलिए मैने आपको कुछ न्ही बताया क्यूंकी मैं तो सचे थे ना मैने तो अजय भाई से कभी प्यार न्ही किया. हितेश चारू के बात न्ही मानता और उस पे ट्रस्ट न्ही कराता. उस दिन चारू घर जाके रात ! को नींद के गोलिया कहा लेते है और आपने नास्स काट लेते है के हितेश को मुझ पे ट्रस्ट न्ही नही है उसे मेरे प्यार पे शक़ है. पूरी रात चारू ऐसे नास्स कटे हुए में पढ़े रहते है और नींद के नशे में सो जाते है. बुत वो बच जाते है और हितेश को इस बड़े में पता चलता है तो हितेश बहुत रोहता है अजय भाई के पास जाके के आज मैने आपने चारू को खो दिया.और दोस्तो पता है आप सबको अजय भाई के यह सब एक चल थे हम दोनो को दूर करने के वो जान मुझ के आपना फोन हितेश के पास छोढ़ के गये थे और अजय भाई हितेश को कहा करते थे के चारू से बात मत किया कर वो लड़की सहे न्ही है यह सब बात मुझे हितेश ने बताए थे बाद में और चारू ने अजय भाई पे इतना ट्रस्ट किया था उन्हे सहारा दिया था और चारू को उसके जान मीन्स हितेश से दूर करना चाहते थे और अब अजय भाई बिल्कुल अकेले है. इतना सब चारू के करने के बाद भी हितेश को उसके प्यार पे ट्रस्ट न्ही है. चारू ने हितेश के सामने आपने गलते आक्सेप्ट कर ले है के मेरे गलते है मुझे पहले हे यह सब आपको बठाना चाहिए था मेरे यह बहुत बढ़े गलते है. हितेश ने चारू को मॅफ कर दिया है. बुत फिर भी उसके मॅन में यह हे शक़ है के चारू उसे प्यार न्ही करते अगर चारू मुझसे प्यार करते तो मुझे अजय भाई के बड़े में ज़रूर बताते इस बात पे हितेश चारू से अब भी लड़ाई कराता है. चारू हितेश से बहुत प्यार करते है वो अब भी हितेश के लिए हे रोते है.

मेरे इस स्टोरी को अच्छे से पढ़ने के बाद प्लीज़ आप सब मुझे बताओ के चारू का प्यार जूता था या सॅचा था क्या चारू हितेश से प्यार करते थे या न्ही करते थे . चारू ने हितेश के लिए क्या कुछ न्ही किया फिर भी उसके प्यार पे शक़ किया जा रहा है और चारू यह सब बर्दाश न्ही कर पा रहे है. बस चारू के यह गलते है के उसे पहले यह सब हितेश को बठाना चाहिए था बुत चारू का प्यार हितेश के लिए हमेशा से हे सॅचा था उसने स्टार्टिंग से हे हितेश से बहुत प्यार किया है. कोई लड़की किसी के लिए इंता न्ही कर सकते जितना चारू ने हितेश के लिए किया है.

मोहब्बत की हवालेी जिस तरह नीलाम हो जाए

मोहब्बत की हवालेी जिस तरह नीलाम हो जाए

हुमारा दिल सवेरे का सुनहेरा जाम हो जाए,
चिरागो की तरह आँखें जले जब शाम हो जाए,

कभी तो आसमान से चाँद उतरे जाम हो जाए,
तुम्हारे नाम की एक खूबसूरात शाम हो जाए,

अजब हालत थे यू सोडा हो गया आख़िर,
मोहब्बत की हवालेी जिस तरह नीलाम हो जाए

ज़िंदगी फिर कहाँ मिलती हे

ज़िंदगी फिर कहाँ मिलती हे

पानी से तस्वीर कहाँ बनती है,
ख्वाबो से तकदीर कहाँ बनती है,
किसी को चाहो तो सकचे दिल से,
कञूनकी यह ज़िंदगी फिर कहाँ मिलती हे

अक्सर ज़िंदगी उनके लिए अंधुरी रह जाती है जो इसे पूरी तरह जीना चाहते है

अक्सर ज़िंदगी उनके लिए अंधुरी रह जाती है जो इसे पूरी तरह जीना चाहते है

सुभह का टाइम मुझे सबसे अछा लगता है क्यूंकी इसी टाइम मुझे लिखना सबसे अछा लगता है…मैं भोथ खुश हू की आप सभी को मेरा लिखना अछा लगता है.. !!
आज मैं आपको जो लव स्टोरी ब्तने जा रही हू,,उसे पहले एक क्वेस्चन पूछना चाहती हू आप सभी से!!

क्या सचे प्यार की कीमत मौत होती है?
क्या अगर एक लड़का और लड़की,,जो की अलग रिलिजन से है..उनको प्यार करने का हक़ हही है?
क्या उनके प्यार की कहानी मौत पे आके ख़त्म होनी होती है?
आअज की स्टोरी है,,हरियाणा स्टेट की!!
आअज ह्मारा देश भले की कितना ही विकसित हो गया हो पर सयद आज भी दुनिया में काफ़ी ऐसी महिलाए है जिहणे आज भी मर्दो के शरातॉान पे चलना पड़ता है..शादी से पहले जो पापा कहते है वो सुनो और शादी के बाद जो पाती बोले उसे भले ही उनका बोलना सही हो या ग़लत…ई मीन सीरियस्ली !!
आप आपनी बेटियो को आज पड़ा रहो हो, स्कूल भेज रहे हो? क्यू? ताकि वो आपना भला बुरा जान सके ना?
हन मैं सहमत हू की बचॉआन को समझना मा – बाप का पूरा हक़ होता है और कोई वो हक़ नही चीन सकता पर सिर्फ़ तब तक जब तक वो चीज़ सही हो और एक ज़िद ना हो..!!
यह कहानी है,, एक रिज़र्व्ड फॅमिली की लड़की की…जिसका नाम रीना था..अगर रीना के बड़े म्में पूछा जाए तो वो हमेशा से ही एक सिंपल और घरेलू लड़की रही है…चुप छाप..अकेली तन्हा…घर में मा, बाबू, 2 बड़े बहिया और एक भाहभही थी पर सयद ही कोई उसे समझ पता !!
इसी साल रीना ने पड़ाई पूरी कीट ही और उसके घर वाले उसके लिए रिश्ता ढुंड रहे थे…उसकी हॉलिडेज़ चल रही थी तो उसने कंप्यूटर क्ोआहिंग जाय्न कर लिया था…जहाँ उसे मिला, नादीर..जो की एक मॉडर्न मुस्लिम लड़का था…रीना किसी से भी बात नही कराती थी क्ोआहिंग में जो की नादर को भोथ अजीएब लगी और यही बात सयद नादीर को उसके और करीब लाने लगी…
वो उसे हर वो खुशी देता…जिसकी चाह रीना ने तबसे कीट ही जबसे उसे प्यार का मतलब भी नही था…मुलाक़ाते,,मुस्कुराहट में और मुस्कुराहट प्यार में कब बदलने लगा..दोनो को पता ही नही चला..
रीना को सब टा था की उसके घर वालो को टा चलेगा तो इसका अंज़ाम भोथ बुरा होगा पर यह नादान दिल…उसे नादीर के साथ ही रहना था…और किसी भी हालत में अलग नही होना चाहती थी…और एक दिन रीना ने सब कुछ बता दिया नादीर को पाने परिवार के बड़े में.. !!
नादीर एक सिन्सियर और वाले बिहेव्ड लड़का था,,वो चाहता तो रीना को भगा कर ले जा सकता था पर उसे आपना प्यार सबकी मर्ज़ी के साथ चाहिए था..उसे सिर्फ़ रीना का प्यार नही,,उसके घर वालो का आशीर्वाद भी चाहिए था…
काश रीना के घरवालो की सोच थोड़ी बड़ी होती..काश उन्हे आपनी रुतबे से आपनी बेटी की ख़ुसी का ख्याल होता…काश आज नादीर और रीना ज़िंदा होते !!

कुछ शब्द उसकी कलम से

कुछ शब्द उसकी कलम से
सयद मेरी ज़िंदगी में किसी को कोई दिल चस्पी नही होगी..पर हम जिस्म भेचने वाली औरटॉान/ लड़कियो का भी दिल होता है..हम मा के पेट से सोच के नही आते की बड़े होके,,”धंधे वाली” बनेंगे…सयद भगवान ने ज़िंदगी भी बड़ी जल्दी में दी है क्यूंकी,,,साँसे तो है पर खुद आपनी ज़िंदगी को जीने की वो एक आज़ादी नही है..
भोथ हसी आएगी ना आपको अगर कोई” धंधे वाली” आपको आपने प्यार, आपने फीलिंग्स के बड़े में ब्ताए..लेकिन साहिब,,हमारे काम का बदले अगर आप लोग ह्मारी ज़िंदगी पे ढयान दें तो सयद आको पता चले. हम लोग एक सिकुस के जोकर से कम नही है..जिसे चाहो या ना चाहो हसना पड़ता है..जब चाहो हास के ब्ताओ,,जब चाहे रो के बताओ..
हम औराते/लड़किया जो यह काम कराती है,,सयद ही 2% लड़किया या औराते होगी जिन्होने यह काम किसी मजबूरी के चलते नही किया होगा वरना बाकी सब यहाँ बस यह कोसिस कराती है की कब मौत आए उन्हे और वो सब इस जीवन से मुक्त हो…एक “कट्पुतली” की ज़िंदगी जीने से बेहतर तो मार जाना ही है..पर मॅर भी तो नही सकते…घर में बीमार मा और 3 छोटे भाई बेहन को भुखे नही मार सकती…
लोग आते है लोग जाते है…कोई जिस्म देख के खुश होता है तो कोई सिर्फ़ आपनी भादास निकालने आता है…किसी की बीवी ससुराल गयी तो आपनी खुशी पूरी करने आअता है तो कभी कोई आपनी हवस पूरी करने…!!
इस उजाले भारी दुनिया में सिर्फ़ अंधेरे के कुछ भी नाहही है…मूज़े यह सब करना नही अछा लगता…पर सयद मजबूरी सहढ़ काफ़ी होगा..!!
मुझे तो यहाँ रहते हुए 1 साल होगया है तो मैं भूल ही गयी हू,,आअजादी क्या होती है…पर जो लड़किया यहाँ लाई जाती है…उनके साथ जो सुलूक होता है,,सायद आप लोग जान जाए तो काप उठेंगे !!
“प्यार” जेसा वर्ड ह्मारे लिए सयद है ही नही…सआइ डी हम जेसी औरातोआन को प्यार में पड़ने के बड़े में सोचना भी नही चाहिए…क्यू?? क्यूंकी आपकी यह संस्कारी सोसाइटी,,हमे आक्सेप्ट नही कर पाएँगे..?
या फिर एक “धंधे वाली” का किसी की गर्ल फ्रेंड/बीवी बनना इस सोसाइटी पे एक डब्बा लग जाने जेसा होगा…मैं हमेशा से ऐसा नही चाहती थी…मेरे भी सपने थे की,,मैं प़ड़ लिख क एक अछी और सक्सेस्फुल इंसान बनू !!
आपने मा बापू और भाई बेहन को एक खुशनुमा ज़िंदगी डू..आआप सभी क त्राह भोथ सपने थे मेरे..हर आम लड़की कीट रह भी मेने भी भोथ सपने देखे थे आपनी शादी के लिए…
फिर ऐसा क्या हुआ की आज मैं एक धंधे वाली हू? ऐसा क्या हुआ की आज मैं एक नही,,ज़ारो की हू पर मेरा कोई नही !!
मूज़े मौका मिल रहा है…आपनी ज़िंदगी के उस कड़वे सच को बयान करने का..पर सआइ डी उन ज़ारो मासूम लड़कियो को ना मिले जो हर साल इस वेश्यावृति के धंधे में ज़ब्रन ला दी जाती है और तब ना उन्हे..उनकी फॅमिली और ना यह सोसाइटी आसीप्त कराती है !!
यह बात है तकरीबन 2 साल पहले की,,जब मेरे बाबा की डेत हो गयी थी,,,पेसा ना होने की वजह से हम उनका ऑपरेशन भी नही करवा सके..
बाबा के चले जाने के बाद ज़िंदगी जेसे वीरान,,कोई आपना नही रहा…
इस दुनिया में या तो इंसान इतना अमीर हो की कोई ग्रीबी उसे चू ना पाए या इतना ग़रीब हो की उसे अमीर होने की कभी चाह ना हो..
मेरे आयेज मेरी पूरी लाइफ थी,,मैने जस्ट आपनी 12त पास कीट ही…90% मार्क्स के साथ…पर किस्मेट ने ऐसी करवट बदली की वो होनहार लड़की आज इस गुमनाम सहहर में आपनी ज़िंदगी जी रही है..
हाँ मैं मानती हू,,जो रास्ता मैने चुना है वो ग़लत है,,पर यही वो रास्ता है जो मेरे भाई बेहन को आज एक अच्छे शूल में पड़वा रहा है,,जिसकी वजह से मेरे भाई बेहन को भुखा नही सोना पड़ता,,,जिसकी वजह से मेरी मा को टाइम पे दवा मिल जाती है…अगर यह सब ग़लत है तो हाँ हूँ मैं ग़लत…पर काश में मेरी ज़िंदगी में यह मोड़ ना आया होता..क़सशह !!

मेरी अधूरा प्यार संगीता

मेरी अधूरा प्यार संगीता

मी डियर लव वाइफ बिट्टू ये कहानी कुछ साल पुरानी बात ये कहानी शुरू हुई थी फेब 2008 से जहा मे जॉब कराता था वही पास बिट्टू रहती थी उसका ओरिज्णल नाम स वर्ड से श्रु होता है पर मे उसे प्यार बिट्टू बुलाता था शुरू मुझे वो बिल्कुल भी पसंद नही थी पर पता नही कैसे उसे देखे बिना मेरा दिल भी नही लगता था इस कारण 5 जुलाइ 2008 को उसको मैने प्रपोज़ किया और उसने हा करदी धीरे धीरे बातो का सिलसिला शुरू हुआ और एक दूसरे 2 घंटे बाते करने लगे और हुमारी फ्र्िएनधिप बहुत अच्छे से चल रही थी और अचानक 28 डेक 2008 को हुमारी बात बंद हो गयी मेरी बहुत कोशिश के बाद भी बात नही पर जब तक हुमारी बात बंद रही उन 6 महीनो के दरमिया मैने उसे बहुत मिस किया और प्यार करने लगा और 16 मे 2009 को अचनाक उसका एस एम एस आया और हुमारी बात फिर से शुरू हुई और मे उससे बहुत प्यार करने लगा पर मैने कभी भी आपने प्यार का इज़हार नही किया क्यो की मुझे एक दर था की जो पार पूरा ना हो पाए तो उसका इज़हार करने क्या फ़ायदा लिक्न मुझसे पहले माई डियर लव बिट्टू ने मुझ से प्यार का इज़हार कर दिया लेकिन मैने उसे बहुत समझाया की तुम इस प्यार को नही निभा पावगी लिकिन वो नही मानी और आख़िर कर मैने भी उसके प्यार को स्वीकार कर लिया फिर हमारे बेच प्यार बड़ा और बदता ही जा रहा था लेकिन मिल बहुत कम पाते थे केवल फोन के सहारे ही हुमारा प्यार चल रहा था लेकिन एक बार फिर वही पुराना महीना डेक.2009 और हुमारी बात बंद हो गयी फिर 1 जान 2010 एक बार फिर से उसका एस एम एस आया और हुमारी बात स्टार्ट हुई और 1 जान 2010 से लेकर 31 डेक 2010 तक हमारे बेच बहुत सारे! प्रोमिसस किए यहा तक वो मुझे आपना हज़्बंद तक भी मानने लगी और हुमारा प्यार बदता ही जा रहा था 1 जान 2011 से हुमारा मिलना शुरू हुआ हम लगभग रोज़ मिलते थे और घंटो प्यार की बाते करते हमने जान से लेकर आप तक हर वो साथ गुज़रा जो हमने कभी भी सोचा नही था मैने उससे आपनी मूमी से मिलाया और सब अच्छे चल रहा था मैने उससे रियल लव किया है कराता हू और कराता रहूँगा 30 जून को हम मिले और बात की वो खुशी घर चली गयी उसके बाद आज तक उसने मुझसे बात नही की मुझे ये नही पता की उसने मुझसे किस कारण से बात बंद की है पर मे उससे बहुत मिस कराता हू आख़िर मेरी ग़लती क्या है मुझे अभी तक नही समझ आ रहा है पर उसने मुझे चोद दिया इस बात से मुझे कोई शिकायत नही है मेरी बगवान से यही दुआ है वो जहा भी रहे खुश रहे

हमारी एक दर्द भरी कहानी

वो जो कहते है ना की सांस के बिना ज़िंदगी अड़ूरी होती है…..ज़िंदगी तो है मेरे पास अभ एक सांस की ज़रूरात है.वो सांस जो ज़िंदगी भर मेरा साथ दे……….
…….ई लव उ अमरा

ही…….मेरा नाम वृं है..ओर जिसे में प्यार कराता हू उस का नाम अमरा है…………….डटे…12/2/2011……
हमारी एक शोती सी कहानी है…..बस आप की हेल्प कहिए.हमे

हम दोनो इटली मे रहते है….ओर एक ही स्कूल मे स्टडी करते थे..हर रोज़ भो मेरे पास अत्ती मुजसे बाते कराती थी..एक दिन बतो ही बतो मे उस ने मुझे ई लव उ बोल दिया……वो दिन हूँ दोनो बहुत खुश थे….फिर हम दोनो हर रोज़ मिलते थे बट्‍टे करते थे….
लेकिन एक दिन उसके घर पता चल गेया…उसके बाद स्कूल मे उसने मुजसे बाते करनी बाद कर दी जहा तक की वो मेरे पास भी नही अत्ती थी…….फिर हमारा स्कूल ख़त्म हो गेया मेरी लास्ट एअर थी…..ओर उसका अभी 1 साल परा था……………3 मंत के लिए हमारा स्कूल बंद था लेकिन हम दोनो कभी नही मिल पाए….इन 3 मंत मे….हर पल हर घारी में उसके बड़े मे ही सोचता था…कभी कभी तो रोने भी लग पराता था…….फिर अचंक 3 मंत के बाद उसका मुझे फूँ आयआ मुजसे बाते करने लगे ओर बतो ही बतो मे रो पारी….मुझे बोलने लगी की प्ल्ज़
मुझे एक बार आ कर मिल जाओ…..में टुमरे बिना रह नही सकती….उस दिन से हम दोनो का प्यार ओर भी गुहरा हो गेया….
लेकिन हमे क्या पता था की किस्मत हमे फिर से अलग कर दे गी..
वो मुजसे कहने लगी प्यार मे कुश नही है प्यार मे सिर्फ़ दुख ही मिलते है…..लेकिन में नही माना……अभ वो मुजसे फिर बाते कराती है मुझे बोलती है हम दोनो बेस्ट फ्रेंड्स है…………….

अभ आप ही मुझे बताओ की जब कोई लड़की आप को रात्त के 12.30 वजे जा सूबह के 3.33आम मे आप को फूँ करे तो इसका क्या मतलब हो सकता है……………
लड़की आपने घर बाथरूम मे जा कर मुजसे बाते..कराती है..इसका क्या मतलब है…………….??????मुझे तो पता है लेकिन आप सब की क्या राय है हमारे प्यार के बड़े मे………….
,………………….????????????????????????प्ल्ज़ दिल से बठाना.

वो बोले जा ना बोले लेकिन अभ मुझे पता है की भो बुजसे कितना प्यार कराती है……बस एक बार भो खुद मेरी आँखो मे आँखे डाल कर कहे की भो मुजसे कितना प्यार कराती है………..

(मेरा भगबाँ से जह वादा है उसे दुनिया से बचा कर रखू गा….कभी भी उसे कुश होने नही दु गा )

ओर हा दोस्तो वो लड़की पाकिस्ठान की है

प्यार सज़ा या ज़न्नत

प्यार सज़ा या ज़न्नत

मैं उन दीनो भोथ अकेला था और कुछ मेरी टीन एज का भी जादू था त मैं आपने दोस्तो साइ लारडकियों की फोन नो माँगा कराता था और फ़्रेंडस ने दिए भी आख़िर दोस्त जो थे वो मैने ज़्ब पे ट्राइ किया कही डराते डराते पर कामयाबी नही मिली मैं एकदम खामोश और चुप छाप रहने लगा आख़िर दयखने मैं स्मार्ट था टीबी क्यों मेरे पास कोई प्यार नही और सबकॉ प्यार करते दयखता त आपने पे गुस्सा आता था फिर एक मेरे क्लोशस फ़्रेंड ने एक ब्सिक फोन नो दिया अल्लाह का नाम लयकर फोन किया हेलो कौन भोथ प्यारी और मीठी आवाज़ सुन कर मेरी आवाज़ की वॉट लग गई पर थोर्दी दायर मैं मैने भी हेलो बोला और कहा हिी कैसे हो आप उसने बोला ग ठीक मैने आपको पहचाना नही मैने बोला जान प्ेआचन भी हो जाएगी पहले थोरदा एक दूसरे को समझ त लाइट है उधर साइ फोन कट हो गया मैने आपनी पॉकेट का इंतेज़ार लिया कम था मगर फ्र फोन किया फिर फोन मैं मीठी आवाज़ क्यों परेशन कर रहे हो आप मुझे मैने बोला प्ल्ज़ एक बार 5 मीं फिर कभी परेशन नही करूँगा उसने कुछ सोच कर बोला झूठ त नही बोल रहे हो मैने बोला नही उसने बोला कसम साइ मैने बोला हाँ कसम साइ टीबी ओक बोलो क्या बात है मैने बोला आपका नाम उसने बोला सलमान ख़ान मुझे ज़ोर साइ हँसी आ गई थोरदा भोथ बात की बाद उससे पता नही क्या लगा उसने आपना नाम बता दिया मुझे भोथ खूबसूरात लगा उसका नाम स्वाती नाइस नाम ओक 5 मीं हो गई रखो अब फोन मैने बोला रखता हूँ वैसे भी कल फोन करूँगा आपको उसने माना किया पर मैने किया ढेरे 2 फोन का सिलसिला चला एक दूसरे की अददट हो गई हमे और लगा की हमे मिलना चाहिए पर मैं मुस्लिम था और मैं आपना नाम अब! हिशेऊ स हुकला बताया था 1स्ट्रीट टाइम डटे का टाइम मिला मैने सोचा आज प्यार का इज्झार कर दूँगा रीड रोज़ कार्ड और चॉकलेट लयकर मिलने गया उसको पिंक सूट मैं क़यमत लग राई थी मैं दयखो और उसने मुझे दयखा और वो बोली अभिषेक मैने ग बाइक पे इशारा किया वो कुछ सोची और बयत गई मुझे अछा लग रहा था एक रेस्तूरंत मैं लाइ गया वहाँ पर बताईं हुए पर मैं आपना प्यार बता नही पाया ढेरे 2 हुम्हारा मिलना बर्दने लगा एक दिन मुझे लगा अब बोल दयना चाहिए पर पहले आपने बड़े मैं सच तन टीबी मैं बोला एक बात बताओ मैं मुस्लिम हूँ और तुमसे भोथ प्यार कराता हूँ मार जवँगा तुम्हारे बिना वो एकदम सॉक होकर मुझे दयखने लगी और उसकी खूबसूरात आँखो साइ बरसात हöने लगी वो रोने लगे भोथ दायर तक मैं भी चुप छाप उससे रोते दयखता रहा और वो उठी और आपनी लाल लाल आँखो मैं लाख लाख आँसू लयकर चली गई मुझे ऐसा लग रहा था मानो दुनिया का सब्से बुरा इंसान मैं हूँ और दुनिया का सबसे बर्डा गुनाह मैने किया है रात भर रोते रोते गुज़रे मैं सोचा वो मेरी ज़िंदगी मैं अब नही होगी शायद