मेरा प्यार कोमल

मेरा प्यार कोमल

आपनी लव स्टोरी आप लोगो शियर करना चाहता हूँ मेरा नाम विशाल है और मैं जिससे लव केराता हूँ उसका नाम कोमल है मैं कोमल को आपनी ज़िंदगी से भी जादा लव केराता हूँ.
मई एक अच्छे घर से हूँ लेकिन मेरा पापा ने सब कुछ शराब मे सब कुछ बहा दिया था मेरी आपनी एक सोने-चाँदी शॉप थी लेकिन आब नही है इसी कारण मैने कोमल के शॉप पर 1000र्स.की 3 साल नाओकेरी की इस बीच मुझे कोमल से कब प्यार हो गया मैं जान ही नही पाया धीरे धीरे मेरा दिमाग़ शॉप पर कम कोमल के पास जादा रहने लगा.जबतक मैं कोमल को देख नही लेता बात नही केरलेता तबतक मुझे चैन नही आता.फिर मैने एक दिन बहुत ही हिम्मत्त कर क कोमल प्रपोज़ कर दिया. एक पल तो ऐसा लगा की कही कोमल घर मे ना कह दे . लेकिन मेरी बात भगवान ने बना दी.

और 3 दिन बाद मुझे मेरे प्रपोज़ का जवाव सही मिल गया उस टाइम मुझे ऐसा लगा की मुझे सब कुछ मिल गया.मई बहुत कुश था.फिर हम दोनो एक दुसरे से बात कर ने क लिए चुप चुप के मिलने लगे कुछ दीनो तक ऐसा ही चटा रहा कोमल के पेरेंट्स मे कुछ बात हो गई जिसके कारण कोमल के पापा ने मुझसे कहा की मुझे मकान चाहिए किराए पे रहने के लिए तो मैने कहा मेरा घर काफ़ी बड़ा है और उसमे 1-2 रूम खाली भी है अगर आप कहे तो मैं घर पर बात करूँ मैने आपने पेरेंट्स से बात की तो पापा ने कहा ठीक है .आब कोमल मेरे साथ रहती थी हम दोनो टाइम मिलते ही एक दुसरे से बात कर लेते थे एक दिन मैं सुबह जल्दी उठ गया तो मैं डिस्तों के शत ताहेलने चला गया.लौटते टाइम कोमल मुझे बहेर गाएट पर खड़ी दिखी जैसे वो मेरा ही इंतेजार कर रही हो सुबह का टाइम था सब घर मे सू रहे थे टू हम दोनो भर खड़े होके बात कर ने लगे की अचानक कोमल की मा आ गई और बोली क्या हो रहा है. पहले हम दोनो बहुत ही देर गये मैने कहा कुछ नही बस बातें कर रहे थाई आयार क्या तो कोमल की मा मुझसे बोली विशाल तुम कोमल से कम बूला करो टू मैने कहा क्यू तो वो बोली कोमल के पापा को पंद नही है. मैं ने खा ठीक है मैं कोमल से कभी भी नही बोलूं गा इतना कह कर मैं तयार हो कर शॉप चला गया फिर हम दोनो ने पेरेंट्स के सामने बिल्कुल ही बंद कर दिया.1 दिन कोमलबाहुत ही घबराई हुई थी टू मुझे से रहा नही गया मैने कोमल से पूछा क्या हुआ. रूटि होई बोली मैं मेर जाना चाहती हूँ ये बात शन कर मेरी आँखों मे आंशो आ गये .!

मैने पु छा की आख़िर बात क्या है कोमल ने बताया की मेरा पापा मेरे शत रात मे आपने पास लेटने के लिए जवेर्जस्ति कर ते है कहते है सिर्फ़ एक बार मेरी बात मानलो फिर जिससे चना उससे तुम्हारी शादी केरदेंगे जुब मैने ये सूना टू मैं दंग रह गया .टू मैने कोमल से कहा भाग चलो इस ज़िंदगी से तो मौत ही अच्छी.लेकिन मेरे इस फ़ैसले से कोमल राज़ी नही थी क्यू की आज उसके उपेर ये बात थी केल उसकी 2 छोटी बाहें और है उनका क्या होगा आईने पूछा तुम ने मा को ये बात बताई टू वो बोली की मा कहराई है जैसा पापा के रहे है वैसा करो नही तो मार्डली जाओगी टू मैने कहा की आज रात से तुम मेरी दीदी के पास लाइट जया केरना इस मे कोई बात नही होगी और तुम्हारी सवे रहोगी कुछ दीनो तक टू सब कुछ ठीक रहा लेकिन कोमल के पापा को कॉपी बहाना नही मिला तो वो उसको जवेर्जस्ति बाहर लेगाए और एक हॉतले मे एक रूम बुक करा उसके बाद उस को बैक पर बैथल कर पूरे शहेर मे टहलते रहे और कहते रहे की मेरी बात मन लो नही ट्रेन के नीचे फेक दूँगा. कोमल ने फिर भी आपने पापा को कोई जवाव नही दिया सिर्फ़ रूटि रही? और मैं मजबूर था सुबकुछ जानकेर कुछ नही केरपा रहा था मौका मिलते ही कोमल ने आपने पापा के मॉब. से मेरे पास शॉप के फोन पर कॉल की टू मैने कहा कौन कोमल रूटे होई बोली विशाल बचा लो नही तो पापा मुझे मार दलाइन गे तो मैने कोमल से कहा किसी तरह तुम होटेल से बहाएर आओ बाकी मैं सू म्भहाल लूँगा मैं ये बात को मैने कोमल के चाचा को बताई तो वो बोले कहा है कोमल मैने कहो हरदोई मे मैं और कोमल के चाचा दोनो लोग रात 9 बजे कस्बे से 27.किलो मिटर दूर हरदोई पहुचे जैसे-तैसे होटेल धोनड़ा कोमल को लेकेर रात के 1.30 बजे 27.किलो मिटर दूर घर वापस आए उस मुझसे और भी जादा प्यार केरने लगी .

कोमल ने मेरे लिए केरवाचौथ का पहला ब्रेट रखा था तो मैने कोमल एक मॉब.गिफ्ट किया था जिसे से हम दोनो बात केराते थे वो मॉब. कोमल के परंटस को नही नही पता था की कोमल के पास कोई मॉब.भी है. कोमल के पापा को जबया पता चला की मेरीहेयरएक हारकेट जो उसने कोमल क साथ की वो सब विशाल को पता है तो उसने दोसरा मकान लेलीए और वाहा रहने लगा और एक दिन कोमल का मॉब. उसके पा! पा ने दे ख लिया और माओका मिलते ही मॉब. पकड़ लिया और कोमल को बहुत मारा-पीता फिर भी कोमल ने मेरा नाम आपनी ज़ुबान नही आने दिया लेकिन मेरा एक एस एम एस उसमे पड़ा था जो मैने कोमल के लिए भेजा था वो एस एम एस उसके पापा ने धेखा और उससी नो. पर कॉल कर दी वो नंबर था और मुझे पता था की मॉब. पकड़ गया है तो मैने आपना नो.बदल दिया था लेकिन उस एस एम एस मे मेरा नाम था इस लिए मुझे बचाने वाला तो क आय था ही नही .उसने मुझे सुबह शॉप पर आते ही मुझसे पोछा की विशाल देखो ज़रा ये मॉब. मो किसका है तो मैं ने पहले झूट बूला मुझे नही पता तो मुझसे बोला की ये मॉब. किसका है टू मैने कहा मुझे क्या पता वो बोला ज़रा घर पर आओ शॉप बंद कर क मैं पहले मैं आपने घर गया तो उसके बाप वहीं था मेरी शिकायत मेरे पेरेंट्स से की और मेरे पेरेंट्स ने मुझे बहुत ही ज़यादा मारा लेकिन मुझे इस बात गाम नही था की मेरी मार पाडी या मॉब’पकड़ गया मुझे तो दर्द इस बात का था की कोमल पहले से परेशन थी आब और उसको मारा 2 दिन तक ना मिलने के हम दोनो को चैन नही था इस लिए कोमल कोचिंग गयई और मुझे ऐसा लगा की आज कोमल आज कोचिंग जाइए गी और मैं उससे मैं मिल सकता हूँ मैं टायर हुआ निकल गया कोमल से मिलने जैसे ही हम ने एक दुसरे को जैसे देखा तो आपनी चोट चोपने लगे सारा दर्द भोल गये फिर पास जकेर कोमल का हाथ थम लिया और 2.00घंटे तक बिना देर एक गली मैं खड़े हो कर बात केराते रहे उसके फिर हमारा मिलना कम हो गये फिर इस बीच मैने आपनी एक शॉप खोली जिसे 10-15 हज़ार कमा लेता हूँ मेरी एज (19) है कोमल की (18) और आब कोमल से कभी कभी मॉब.से बात भी हो जाती है एक दिन बात हुई टू कोमल का कहना है उसका बाप आपनी हारकेट नही चोद रह है
ऐसी मजबूरी मे कोमल को क्या केरना चाहिए ?

कुछ खट्टी मीठी यादे

कुछ खट्टी मीठी यादे

मे 10त क्लास मे था ओर तूतिओं मे था जब मेने पहली बार गुलिस्ता को देखा जब मेने देखा तो मुझे कुछ नही हुआ पर कुछ दीनो बाद जब हुमारी दोस्ती हो गयी तब वो मुझे अच्छी लगने लगी ओर मुझे लगता था के गुलिस्ता भी मुझे पसंद कराती हे ओर हम लोग 4 दोस्त थे काशिफ, मैं, इमराना ओर गुलिस्ता. तो मुझे काशिफ हुमेशा बोला कराता था क गुलिस्ता तुझे पसंद कराती हे ओर मे हुमेशा मज़ाक मे लेता था फिर एक दिन एग्ज़ॅम आ गये ओर हुमारा तूतिओं ख़त्म हो गया ओर गुलिस्ता चली गयी उस दिन मुझे महसूस हुआ की मे गुलिस्ता को पसंद करने लगा था उस दिन मुझसे तूतिओं मे रुका नही गया ओर मे गुलिस्ता को मिस करने लगा फिर हुमारा तूतिओं बिल्कुल ख़त्म हो गया .ओर हम अलग हो गये फिर कभी कभी हुमारी फोन पे बात हो जया कराती थी ओर जब मेने गुलिस्ता को पर्पस करा था तो उसने माना कर दिया ओर मे बहुत ज़्यादा आपसेट हुआ क्योंकि मेने फर्स्ट टाइम किसी से प्यार करा था किसी को पूर्प[ओसे करा था. फिर कुछ दिन ऐसे ही बीट गये ना फोन आता था ना खु मिलती थी फिर एक दिन वो कुजे मिली ओर मुझे उसे देखकर बहुत अच्छा लगा पर उसे मुझसे बात नही की उस दिन मे बहुत ज़्यादा आपसेट हुआ.फिर 6 मंत्स बाद गुलिस्ता का मेरे पास फोन आया ओर मेने उससे बात की मेने उससे फिर बोला की मे उससे प्यार कराता हू ओर उसने बोला एस मे भी तुमसे प्यार कराती हू ओर फिर हम दोनो बात करने लगे फिर एक दो बाअर बात करने क बाद गुलिस्ता ने फिर कभी ँझे फोन नही किया ओर इसी तरहा दो साल भीत गये मेने पूरे दो सालो तक उसका इंतज़ार किया अगर वो कभी मुझे मिल भी जाती थी मुझसे बात भी नही कराती थी देखकर भी इग्नोर कर देती थी फिर एक दिन मुझे पता चला की उसका एक बॉयफ्रेंड हे उस फिर मे बहुत ज़्यादा साद हुआ ओर फिर मेने सोचा की मुझे उसका वो अब नही आएगी मेरी लाइफ मे ओर मेने स्का इंतज़ार करना चोद दिया. ओर फिर एक दिन 13 सेप 2010 को मेरे पास गुलिस्ता का फोन आया ओर फिर उसने मुझसे बात की फिर हम एक दोस्त की तरहा बात करने लगे. ओर फिर एक दिन गुलिस्ता ने मुझसे पूछा क अगर मे तुमसे फ्रेंड्शिप करू तो तुम मुझे कितने दिन मे छोड़ दोगे. मेने बोला लाइफ टाइम . मे तुमसे प्यार आज भी क्लर्टा हू मे तुम्हे कभी नही सी! हहोड़ुना. चाहे तुम मुझे प्यार करो या ना करो. ओर फिर हम दोनो बात करने लगे फिर एक दिन गुलिस्ता ने मुझसे बोल की वो भी मुझे प्यार कराती हे ओर कहने लगी तुमने मुझे हुमेशा प्यार किया ओर मेने कभी ट्तूम्हारे प्यार को नही संजा ओर वो रोने लगी ओर उसे रोता देखकर मुझे भी थोड़ा रोना आया. उस दिन मे बहुत खुश हुआ की मेने जिसे चाहा आज उसने खुद मुझे काबुल किया मेने उससे बोला की तुम्हारा तो बॉयफ्रेंड हे तो उसने बोला क वो मेरा बॉयफ्रेनबड् नही हे फ़्रेंड हे मे प्यार तुमसे कराती हू ओर हुमेशा तुमसे करूँगी. मेने गुलिस्ता क लिए 3 लड़कियों को माना करा था उनसे मेने सॉफ कह दिया की मे किसी ओर को लीके कराता हू ओर अब हमे बात करते हुए पूरा 1 साल होने वाला हे ओर हम बहुत एंजाय करते हे
ओर दोस्तो मे बहुत जल्दी उससे शादी करने वाला हू आपने घर मे बात करने वाला हू आप लोग अल्लाह से मेरे हक़ मे दुआ करना की मेरे घर वालो का फ़ैसला मेरे हक़ मे हो मे गुलिस्ता से बहुत प्यार कराता हू ओर उसके बिना मार ज़ाऊगा.
मेरा वज़ूद मेरी मुहब्बत से हे
मुझे गुरूर बहुत आपनी मुझे मुहब्बत पे हे
यू तो मुझे चाहते होन्गे बहुत से लोग
पर मिहहे मुहाबत सिर्फ़ आपनी मबबात से हे..

मेरी ट्रू लव स्टोरी

मई आपनी स्टोरी आप लोगो से शियर करना चाहती हू ये मेरी फ़्रेंड की ट्रू लव स्टोरी है मेरी फ़्रेंड का नाम सोनम है ये 3 एअर पहले की बात है हम कलग मे साथ पधा करते थे हम सारे फ़्रेंडस आपनी बाते शियर करते थे तब मेरी फ़्रेंड ने आपने लव के बड़े मे हमे बताया आप भी पढ़िए ओर बताइए कैसी लगी आपको स्टोरी न फाइनल क्या होना चाहिए

सोनम की फरंदशिप विकास से याहू मे चेटिंग से हुई वो लोग रोज ऑनलाइन मिलते थे रोज चाट करते थे पहले तो सोनम ने आपनी सारी डीटेल्स यहा तक के नाम भी झुता बताया था पर जब उसे विकास पसन्द आने लगा तब उसने विकास को आपनी सारी बाते सच सच बीटीये दी तब विकास को उस पर यकीन नही हो रा था वो सोनम से बात तक बंद करने वाला था तब सोनम ने बहुत रिकवेस्ट की तब विकास ने एक शर्त न्यू एअर की वो सोनम की आवाज़ सुन ना चाहता है तभी उसे यकीन होगा की सोनम कोई ल्दकी ही है ओर उसे धोखा नही दे रही सोनम ने भी बात मन ली ओर विकास को कॉल किया ओर बस विकास ने आवाज़ सुन कर फ़ोन कट कर दिया फिर दुबारा कॉल नही किया इसी तरह रोज उनकी नेट पर बाते चलती रही फिर बीच मे सोनम के यहा नेट बंद हो गया ओर उसे विकास की आदत सी हो गई थी 2 3 वीक उन दोनो की बाते नही हुई तब सोनम से रा नही गया ओर उसने विकास को कॉल किया ओर उन दोनो की 1 घंटे तक बाते हुई ……………. फिर धीरे धीरे दोनो फ़ोन पे बाते होने लगी दोनो म्स्ग मे बाते करने लगे तब दोनो अच्छे फ़्रेंडस ही थे हसी मज़ाक झगड़ा सब होता र्हता था दोनो मे फिर एक दिन विकास ने सोनम को प्रपोज़ किया सोनम भी चाहती थी पर उसने हा नही कहा विकास धीरे धीरे उस से दूर होता गया सोनम से ये बर्दस्त नही हुआ ओर सोनम ने भी प्रपोज़ल आक्सेप्ट कर लिया उन दोनो ने कभी एक दूसरे को देखा नही था ऐसे ही उनकी बाते चली रही फिर एक दिन विकास ने आपनी फोटोस सोनम को मैल की ओर सोनम ने आपनी फोटोस विकास को भेज दी…………. दोनो ने तो एक दूसरे को पहले ही पसन्द कर लिया था तो उन दोनो को एक दूसरे को देखने ना देखने से कोई फ़र्क नही प़ड़ता था की वो दोनो कैसे भी दिखे क्योकि वो ट्रू लवर है ……………… वो लोग 1 एअर बाद मिले विकास दूसरी सिटी मे र्हता है वो 3 मंत 5 मंत मे एक बार सोनम से मिलने आता है सोनम भी कई मंत मे मिलना होता है दोनो एक दूसरे के बहुत क्लोज़ है ओर शादी करना चाहते है पर दोनो अदर कास्ट के है विकास ने आपने घर मे बात की पर घरवालो ने माना कर दिया सोनम भी आपनी फॅमिली नही छोड़ सकती………………. दोनो आपनी फॅमिली के साथ रह कर शादी करना चाहते है पर बात नही बन रही विकास के घर मे उसकी शादी की बाते शुरु हो गई है अब उन दोनो को क्या करना कहिए जिस से दोनो अलग ना हो ओर पेरेंट्स भी साथ रहे

मेरा पहला प्यार

मेरे प्यार का नाम उमा हे ओर भो भी पहेला,
मूज़े नही पता था क मैं उसे प्यार करने लगूंगा , भो भी इतनी जल्दी उसकी एक चॅलेंज लगी थी ओर भो हे……
भो मेरे ऑफीस मे ही कम करते थी …. उसके बाद मैं उससे पहेली बार देखा मेरे ऑफीस मैने ओर भो बाते बहुत क्यूट कराती थी
ओर मैं उसे सुनता था गॉर्सी
ओर एक दिन दोस्त लोगो को भो पता चला ,उसके बाद सारे दोस्त लोग मुझे बोलने लगे, तू उससे बोल क्यूँ नही देता, प़ड़ मे ई लव उ बोल ने से बहुत दर था, तो मेरे दोस्त लोगो ने मुझे बोला ओर चॅलेंज लगा या क मे उससे कभी नही बोल पौँगा ई लव उ . ओर भो मैने चॅलेंज आक्सेप्ट किया ओर 15 डेज़ क अंदर मैने बोला.. बुत भो नही कुछ बोली क्यूँ की मैने ही उसको बता या क पहेले मेरे साथ दोस्ती कर क समाज लो उसके बाद बता ना, उसने वासे ही किया ……. उसके 7 डेज़ बात उसने मुझे रिप्लाइ किया भो भी एक गिफ्ट क साथ उसमे लिखा हुआ था ई लव उ ओर मैं बहुत खुश हुआ ओर मेरे दोस्त लोग चॅलेंज हर गये …….उसके बाद मैं भी बाते करते करते कभी प्यार मैने प़ड़ गया पता ही नही चला, पर यह प्यार कुछ दीनो तक ही था भो मुझे नही पता था…… कुछ दिन बाद उसके घर मैं पता चला ओर भो भोथ परेशन हुअकरते थी ओर मैने उससे संजने की कोशिस कराता था क मैने उससे कभी नही चोद क ज़ाऊगा प़ड़ मैने उससे यह वादा तो किया था प़ड़ भो मेरे साथ नही थी भो कीदर चली गयी मुझे नही पता चला आजज्ज टकककक सयद भो मेरे भला छाती होगी क्या पता उसके मॅन मे क्या था ……………………प़ड़ मैं कभी नही भूल पौँगा यह पहेला प्यार को

मेरा पहला भोपाल का प्यार

मेरा नाम नेहा है और मैं भोपाल (म.प) की हू मैने आज से 12 साल पहले प्यार हुआ था जब मैं बहुत छोटी थी और प्यार का मतलब भी न्ही जानती थी 16 साल की उमर मैं प़ड़ोष मैने रहने वाले लड़के ने मुझे प्रपोसे किया वो 18 का था बनती भी मुजसे प्यार कराता था पर मैने उससे जवाब न्ही दिया क्यूंकी वो मुस्लिम था और मैं ब्रामिन पर 2 साल के बाद मैने भी हाँ बोल दी फिर मैने उससे शादी करने को कहा पर वो माना कर रहा था वक़्त के साथ हमने सारी हदीईए पर कर ले थी फिर बहुत मुस्किल से मैने उसको मैने मनाया उसके घरवालो को राज़ी किया वो भी मन गये हमारी फॅमिली रीलेशन अकचे थे पर हुंडू मुस्लिम शादी के लिया कोई न्ही मानता है फिर भी बनती की मोम मन गयी अब क्या था हमने शादी के लिया बहुत ट्राइ किया पर न्ही कर पाए और मेरे घरवालो को पता चल गया फिर क्या था उन्होने मुझे बहुत समझाया की चोर दो उससे पर मैं ऐसा न्ही कर सकती थी फिर एक दी 27 नोव 2008 को मेरे सारे परिवार वालो ने मिल कर शिवसेना,बजरंगदल & पोलिसेवालो को बुला लिया उस वक़्त मैं अकेले थी 25 लोगो के बिकच मैं पर मैने हर न्ही मानी आपनी बात पर टिकी रही और मुजसे बोला गया की न्ही मनोगी तो हम उससे मार देंगे मुझे मज़बोरी मैं बात माननी पड़ी और बाहर भेज दिया गया फिर भी मैने आपनी कजिन के सहारे से उससे बात की फिर वही मेरेलिए लड़के भी देखे गये और 4 महीने बाद मैं वापस आ गयी क्यूंकी लोग पूछ रहे इसलिए मुझे बुलवाया गया तब भी मुझे बंद रखा गया
उसके बाद मेरे शादी पक्की हो गयी मैने किसी से फोन भी करवाया पर लड़के वालो को यकीन न्ही हुआ की मेरा अफेर है अब शादी को सिर्फ़ 2 महीने ही बाकी थे मैं बहुत कहा की चलो शादी कर लेते है पर उसने धोखा दिया और बात करने से माना कर दिया फिर मैं सब भगवान पर चोर दिया पर मेरे किस्मत अकचे थी और मुझे उससे भी ज़्यादा पर करने वाला पाती मिला तांकशस तो गोदडड़ अब मैं बहुत खुश हू आज भी वो कहता हैकि मैं तुमसे प्यार कराता हू पर अगर सच मैं प्यार होता तो वो मुझे क़िस्सी और का होने न्ही देता अब मैं सिर्फ़ आपने हज़्बंद को छाती हू और मैने उससे बुला दिया है…

मेरा प्यार एकता

मे आपने मामा की साधी मे ट्रेन से देल्ही जा रहे थे तो मेने ट्रेन मे एक लड़की तो देखा मे उसे जनता भी नही था जब मेने उसे फेली वॉर देखा तो डेक्कता ही रहे जया ओर फिस्ट टाइम मे ही मे उससे लव करने लगा मे पूरी ट्रेन मे उसे ही देख रहा था उसने वित टॉप ओर स्काइ ब्लू कलर की पेंट पहें न्यू एअर ती ओर वो भौत स्वीट लग रही थी ओर जब हम देल्ही आहा गये तो ट्रेन से उतरे ओर वो वाहा से चली गई ओर जब वो चली गई तो आशा लगा की अब दूण्या मे कुछ भी नही रहा ओर फिर मे वाहा से हिमत कर के आपनी मोम आम्ड डिड के साथ आपने मामा के यहा चला गया ओर माना वाहा घ कर देखा की वो गर्ल भी मेरे मामा की घर थी तो उसे देख कर मे भौत कुश हुआ ओर अगले दिन साधी थी तो मेने रात मे उससे किसी भाने से बात की ओर उससे ई लव उ खा त उसने खा नूओ जब उसने नो खा तो मेने खा प्लस्स य्र मे आपसे भौत लव कराता हू प्लस्स तो उसने खा मे सोकति हू मेने खा कब बता दोगी मुझे तो उसने खा कल साधी मे मेने अगले दिन साधी मे गया ओर उस से पूछा तो उसने खा ओक लव उ 2 मे उस के मौत से लव उ 2 सुन कर भौत कुश हुआ ओर उसे साधी मे से मामा के घर ले गया ओर वाहा झा कर हम दोनो ने भौत सारी बात की फिर मेने उसे उसका साल नो. लिया तो उसने खा मेरे पास साल नही हे तो मेने खा ओक फिर मेने उसका हाथ पखरा ओर उसके लीप्सस पड़ी किस की ओर वो वॉया से सरमकर चली गई

फिर अगले दिन मेने उसे एक न्यू साल लाकर दिया ओर न्यू सिम फिर हम अगेले दिन एक साथ वाहा से ट्रेन मे चले गई ओर कसप मे आहा कर ट्रेन मेथी मेने उसे खा ई मिस उ तो उसने खा मिस उ 2 ओर उसकी फॅमिली ओर हुमारी फॅमिली वाहा से चली गई फिर मेने घर झा कर उसके फोन वा इंतेज़ार किया ओर उसका फोन आया नाइट मे 11 वेज ओर हमने 4 वेज तक फोन पड़ी बात की हुमारी लव स्टोरी आश ही चलती रही लकिन एक दिन उसकिम्मों को पता चल गया ओर उसे मारा मे उससे मिलने उसके कॉलेज गया उससे बात की ओर बात करते करते वो रोनेलागी फिर मे भी उससे हग क्कर्ते करते रोना लगा फिर उसने मुहे माएरा साल फोन दिया ओर खा ई लव उ सचिन मे आपकी मिस करूगी अब तुम मुझे भूल जाओ हम दोनो कभी एक नही हो सकते ओर वो वाहा से चली गई ओर फिर उसकी मोम ने उसे स्टडी करने के लिए उसकी चाची की वाहा वाघ दिया

फिर मे भौत अलोन हो गया ओर उसके साथ बित्ये गये पल याद कर कर के रोने लगता

फिर एक दिन वो आपनी चाची के वाहा से 4 एअर बाद आई ओर मेने उसे मार्किट मे देखा ओर उसे देख कर भौत कुश हुआ लकिन उसके साथ उसकी मोम थी इसलिए मे वाहा से चला गया फिर मेने उसकी एक फ़्रेंड जिसका नाम था काजल रॉय उससे खा की आप एकता से खे देना की वो मुझे पार्क मे मिले तो उसने खा मे आशा नही कर सकती प्लस्स स्राइ
तो मेने खा प्लस्स मे आपका ये आशण कभी नही भूलुगा प्ल्लसष्स्सस्स नो उसने खा डेक्ति हू मेने खा आज रात 5 वेज ओर मे पार्क मे उसका इंतेज़ार करने लगा लकिन वो नही आई मेने फिर नेक्स्ट दे उसका पार्क मे वॉट किया तो वो आई हम दोनो भौत दीनो बाद मिले थे जाशे अंधे को आइ ओर प्यासे को पानीी मिल जाता हे ओर मे वाघ कर गया ओर उसके छिपात गया ओर रोने लाहा वो भी रोने लगी ओर बोली की मे कल झा रही हू ओर मेरी मोम & दाद सब यहसे झा रहे हे ओर कभी नही आयगे ओक बाये ओर वो जाने लगी मेने खा प्लस्सस 5 मीं. रुक गाओ एकता तुमे मेरी कसम तो वो बोली की किसी ने देख लिया ओर मेरी मोम से खे दिया तो मेरी मोम मुझे भौत मरेगी आप यहा से ओर कही चलो या मुझे वाघा के लो चलो प्लस्ससस्स सचिन ..?
फिर मे उसे आपने एक फ़्रेंड के यहा ले गया ओर उसे भौत सारी बात की ओर जब वो झा रही थी तो मेने उसका हाथ नही चोर रहा था तो वो मेरे पास आई ओर मेरे एक लीप क्क़ीस्स्स करी मेने भी उसी भौत सारी लीप किस करी ओर उसने मुझ से मेरा एक पिक मंघी मेने उसे आपनी एक पिक आपने फ्फरनड से आपने हाउस से मांझ वा कर दी ओर वो वाहा से जाने लगी तो मेने खा ई लव उ मे आपको कभी नही भूल पायुगा तो उसने खा सेम 2 उ

फिर एक लास्ट लिप्प्प क़िस्स्स के बाद वो वही से चली गई ओर मे रोने लगा ओर आपने घर चला गया वो मॉर्निंग मे 4 वजे वाली त्रियाँ से आपने चाचा चाची कर यहा झा रहे थे तो मे मॉर्निंग मे उठा ओर रेलवे स्टेशन गया ओर उसे देखना लगा उसकी मोम ओर दाद कुछ फ्रूट लेने चले गये वो वाहा अकेली थी तो मेने इशारे से उसे बुलाया ओर उसे ट्रेन मे ले गया ओर एक रिंग की ओर उसकी माँग बाहरी माँग बहरने के बाद वो रोने लगिइ ओर आपनी माँग साफ की ओर खेने लगी की मोम ने देख लिया तो मुझे जान से मार देगी ओर फिर मेने एक उसे हग किया ओर वाहा से झा ही रहा था की उसने मुझे आपनी तरफ किचा ओर मेरे लिप्प्पप्प क़िस्स्स की 5 मीं.. तक र मे वाहा से चला गया ओर घर आहा कर रोने लगा वो मुझे उस दिन से कभी नही मिली ना मे उसे मिला लकिन मने उसे लव भौत कराता हू गोद वो जहा भी रहे हॅपी रहे
ओर उसे मुझ से भी गढ़ा प्यार करने वाला लिफेपरटनेर मिले ओर उसे कभी मेरी कमी ना हो

लव ट्राईएंगल स्टोरी

हे फ्रेंड मेरा नाम रवि अरोरा है मैं 12त क्लास का स्टूडेंट हूँ मैं आज आपको आपने इम्पॉसिब्ले लव की स्टोरी बता रहा हूँ जिसे मैने पासिबल कर दिया मैं आपनी फॅमिली के साथ कसप मैं रहने आया था वाहा पड़ी एक गर्ल रहती थी जिसका नाम एकता क्षयप था मैं उसको लीके करने लगा था और मैं ये न्ही जनता था की वो मुझे लीके कराती है या न्ही पड़ी मैं उसे बहुत लव करटा था.एक दिन मैने जब उसको फेली बार देखा तो मैं उसको डेक्ता हे रहे गया.

मैने उसका स्कूल टाइम तूतिओं टाइम सब पता कर लिया था.एक बार मैने उसको तूतिओं अकेला जाता देखा तो मैने उसको पर्पस कर दिया पर उसने मुझे से बात करने को भी माना कर दिया.मई बहुत साद हो गया और आपने घर पड़ी आ गया.कुछ दिन बीट गे मैने एक बार हिम्मत कर कर उसको पर्पस काइया.और इस बार उसने मुझ से कहा की मैं भी आपको लीके कराती हू पड़ी फॅमिली की तरफ से दर लगता है मैने उससे कहा कोई बात न्ही य्र घर पड़ी कुछ पता न्ही चलेगा.उसने मेरे पर्पस को आक्सेप्ट कर लिया था.हमारे बिट्वीन सब कुछ अक्चा चल रहा था.और मेरे एक फ्रेंड को हमेरा बड़े मैं सब कुछ पता चल गया.मैने उस से रेक़ुस्त की य्र किसी को मत खेना वो मन गया.उसने मुझे और एकता को मिलवाने की पूरी कोशिस की ओर हमे मिलवाया एक वॉर उसके घर पड़ी कोई नही था उसने मुझको क़िस्स्स्स्स्सस्स लेने की लिए आपने घर पड़ी बुलवाया मे उस के घर गया मेने उसकी लीप क़िस्स्स करी और वापस आपने घर आहा गया फिर धीरे धीरे हुमारी लव स्टोरी आश ही चलती रही फिर मेरे दोस्त को पता चला की एकता मेरा लव हे वो उससे भौत प्यार कराता था ओर उसने मुझ से खा की तू एकता को चोर दे क्यो की मे उस से रियल लव कराता हू ओर इतना खे करव रोनेलागा मे समझ गया की ये मुझ से भी जयदा लव उस से कराता हे मेने खा तू टेन्षन मत ले मे तेरी बात उस से कर वौनगा ओर उस ने खा ठीक हे फिर एक दिन एक मर्रिगे मे मेने एकता से उसकी बात करवाई ओर उसने माना कर दिया ओर वाहा से चली गई मेरा दोस्त सचिन फिर रोने लगा फिर मेने उसे हिम्मत दी??

ओर खा कोई नही य्र मे फिर ट्राइ करूगा ओर हमने एक बार हमे उसके स्कूल टाइम पड़ी उसके बॅस स्टॉप पड़ी झा कर बात करी ओर उसने खा की मे तुम को सम को बटूँगी की मे तुम दोनो मेसए किस से लॉवीई कराती हू ओक मे समझ गया था की सचिन मुझ से भी जयदा लव एकता को कराता हे ओर हम सम को एकता के तूतिओं टाइम पड़ी उस से बात करना गये ओर उसने खा की कल मॉर्निंग मे बस स्टॉप पड़ी आहा जाना हम फिर मॉर्निंग मे उसके बस स्टॉप पड़ी जाए तो वाहा पड़ी उसके कुछ फ़्रेंड ओर मोम थी उसने हमे खा जाओ सम को मिलना हम को सम को गये उसने फिर खा की तोड़ी देर बाद बटूँगी ओक बयए
फिर हम तोधी देर बाद उस से मिले तो उसने बतयाओर खा की मे रवि से लव कराती हू

ये बात सुन कर सचिन वॉया से आहा गया ओर पार्क मे झा कर रोने लगा मेने फिर उसे खा कोई नही य्र फिर मेने अकेले मे एकता से उसके वेर मे बात की ओर उससे खा की वो सचिन तुझे मुझ से भी जयदा लॉवी कराता हे तो उसने खा की मे आपने से भी आक्ची ग्र्ल उसके लिए स्लेक्ट करगी तो मेने उससे खा की अगर तूने सचिन से लव नही किया तो…… हुमारा ब्रक्कुप हो गये गा ओर वो रों लगिइ ओर मे वाहा से आहा गया मेने आपने फ़्रेंड को सारी बात बातिी ओर उसने मुझ से खा की यर्र तू मेरा बेस्ट फ़्रेंड ही मे तेरे साथ आशा नही होने दूँगा.. ओर मेने एकता ओर रवि की बात खुद करवाई ओर वाहा से चला गया ओर आज तक हम दोनो कीईईईईईईईई लव स्टोरी सही चल रही हे ओर सचिन भी वेरी हॅपी हे..

मेरी सच्ची प्रेम कहानी

मेरी सच्ची प्रेम कहानी

मई सुनेहा मैं पहले भी बता चुकी आपने प्यार के बड़े मैं की पंकज मुझ से कितना प्यार करते है. मैं कभी भी उनके प्यार को समाज नही पाई पंकज मेरी ज़िंदगी है पंकज ज़िंदगी के हर बुरे मोड़ पर मेरे साथ होता है चाहे कोई हो जा ना हो. अब अन के गहर वल्लो को ये यकीन है की पंकज मुझे नही बुलाता पर पंकज मुझे कभी नही भूल पता ये घर वल्लो के शक दूर करने के लिए वो मुझ से बहुत कूम मिलते है. अब पंकज मेरे लिए घर वल्लो को भुला कर मुझ से दूर रह कर खाना की परवाह ना कर के दिन रात काम करते है ता जो वो आपने ज़िंदगी मैं तराकी कर सके ता जो वो मेरे लिए आपने पेरेंट्स चोद कर मुझ से षड्दी कर सके.

अब वो मुझ से बहुत कूम मिलता है काम ज़्यादा करते है पैसे जमा करते है मेरी हर खुशी प्यूरी करते है. वो मुझे चोद कर कहीं नही जाता. मैं उसका सहारा कभी नही बन पाई जब पंकज निराश होता मैं कभी उन के पास नही होती वो बीमार होता है मैं उनको कभी दवा ना खिला पाई घर वल्लो की वजह से हमेशा एक दूसरे से दूर ही होते है. तकलीफ़ बहोत होती है मुझे पर मैं क्या करो मजबूरी है. मैं पंकज से इतना प्यार कराती हो घर वल्लो की वजह से कभी हास कर बात नही कर पट्टी यही दार लग्गा रहते है काकी कोई देख ना ला. मेरा पाप ड्रिंक बहुत करते है भाई कोई काम नही करते है घर हमारा है नही ममाई एक्षपारे हो चुके है भुआ के पास्स रहते हमेशा दनम्णत पड़ती है भुआ की इतने बुरे हालाटो के बावजूद भी पंकज ने मुझे आपनाया मैं बहुत ग़रीब लड़की हो पंकज एक आक्ची फॅमिली से बेलोग करते है इसलिए उनके घर वल्लो कभी नही मानने ग! ए वो रिक ह फॅमिली का एक्लोटा बेटा है पंकज ना भी काम ना करे तो उसके पिता उसे ज़िंदगी भर खिले सकते है उसने मेरे लिए आपनी पड़ाई चोद दी +2 के बाद काम करना शुरो कर दिओया सिर्फ़ मेरे लिया ता जो मेरे लिए खुशी पैदे कर सके मिझे ज़िंदगी भर खुश रख सके. मुझे बहुत दुख होता है की मेरे लिए पंकज को इतने दुख उतने पड़ड़ रहे है मैं पंकज को कितनी बार कह चुकी हो की मुझे चोद दे पर मानने की त्यआर ही नही होता ये सब सोच मेरे दिल बहुत दुखी होता समाज नही की मैं क्या करो घर वल्लो की इजात का सोचो जिःनो ने कभी मेरे बड़े मैं सोचा ही नही ये पंकज बड़े सोचो जो मुझे इतना प्यार करते है. समाज नही क्या कारिओ प्लीज़ हेल्प इन माई लव स्टोरी सुनेहा

यह कैसी दुविधा

मई 40 साल ओल्ड एक विडो हू, कोई 8 साल पहले मेरे हज़्बंद की एक दुर्गातना मे मौत हो गई थी, उस समय मेरा बेटा कोई 5 साल का था, मेरे पाती एक प्राइवेट जॉब मे थे, फाइनान्षियल प्राब्लम के कारण हम दोनो पाती पत्नी मे बहुत बनब नही था, उस पर वो मेरे माता पिता के घर पर ही रहते थे, गौण (विलेज) मे जो कुच्छ भी था उसे वो आपने भाइयो (ब्रदर) को दे रखा था, और य्चा भी जो कुच्छ कमाते थे उसमे से व कुच्छ उनलोगो के पास भेजते थे, तो इस तरह से ह्मारे पास पैसे के नाम पर कुच्छ भी नही था.

उनकी मौत क बद्ड मैं नौकरी क लिए भटकने लगी, किसी ने कोई सहर नही दिया. जहा वो प्राइवेट मे कम करते थे उनलोगो ने व आँखे फेर ली. इस तरह से मैं बिल्कुल टूट गई. घर मे बूढ़े (ओल्ड) माता पिता थे और है, उन्ही का सहारा मिला हुआ है, पर इस उमरा मे उनका सहारा हम बनते, वाहा हम ही उनके लिए बोझ बन गये. इसी बीच ह्मे एक नौकरी मिली 6 मंत्स के कांट्रॅक्ट पर यहा मुझे एक ब्ौश मिले जो की 61 साल के थे, वो काफ़ी स्ट्रिक्क्त नेचर के थे, सभी उनसे डराते थे. सुरू-सुरू मे ह्मे व दर लगता था, कोई 3 मंत्स तक वो मुझसे बात नही किए. पर एक दिन अचानक उन्होने ह्मे फेस्टिवल का विश किया और पुचछा की तुमने कैसे मनाया फेस्टिवल? मैने उन्हे बताया की मैं और मेरा बेटा दोनो मिलकर फेस्टिवल मनाए. तब उन्हे पता चला की मैं विडो हू. और तब से वो मेरा बहुत ख्याल रखने लगे. इसी तरह से 6 मंत्स और बीत गये. अब बॉस और एमपलयी क बीच की दूरी ख़त्म हो गई थी.अब हुंदोनो मे बहुत सी बाते होने लगी. मैने उन्हे कहा की आप इतना प्यार करते है मुझे बिशबस नही होता.

अब मेरे मूह से प्यार शब्द सुनकर वो हैरान हो गये. उन्होने कहा की मुझे यकीन नही होता की तुम मुझे प्यार कराती हो क्यूकी मेरे और तुम्हार बीच उमरा का बहुत बड़ा फासला है. पर वो मुझे बहुत अच्छे लगते थे. क्योकि मैं देखती थी की वो आपने फॅमिली को बहुत इंपॉर्टेंट देते थे. साथ ही मुझे भी उदास देखते तो प्रेशन हो जाते. इसी तरह समय बीतता गया. उन्होने कभी मुझे च्छुने की कोशिस नही की और मैने कभी भी उनसे कोई पैसे नही लिए, कभी बहुत ज़रूरात भी हुई तो लिए भी तो लौटा दिए, उन्होने माना भी किया पर मैं नही चाहती थी की मैं किसी और से पैसे लू. हा मैं कभी-कभी बहुत उदास होती थी तो किसी के कंधे पर सर रखकर रोना छाती हू तो उनके करीब चली जाती थी, और वो भी मुझे आपनो क जैसा सहला देते थे.

अब यह प्यार इतना बढ़ गया है की मैं उनके बिना नही जी सकती, उन्हे तो मेरे बिना कोई फ़र्क नही पड़ता, क्योकि उनके पास सब कुच्छ है, मेरे पास तो कुच्छ भी नही है.
मेरी समझ मे नही आता की मैं क्या करू. क्योकि कुच्छ दिन बद्ड वो चले जाएगे, और ये ऑफीस मुझे रखेगी व या नही.

लोवे स्टोरी – लाइफ का एक सच

लोवे स्टोरी – कविता दस

डियर फ्रेंड्स,मई आपको आपनी एक कहानी बतने जा रही हू या उ कहे क आपनी लाइफ का एक सच बतने जा रही हू , आप लोग प्लीज़ इसे दिल से पड़ना ओर प्लीज़ मुज़ेः जल्दी से रिप्लाइ देना क मैं आयेज क्या करू……….

मेरा नाम कविता दस ह, मेरी एज 25 साल ह ,आज से 2 साल पहले मैं एक पवत्. कंपनी मैं जॉब कराती थी. मुझे कुछ दिन ही हुए थे वाहा कम करते हुए , तभी एक लड़के [कारण] की एंट्री हुए मतलब उनकी व जॉब मेरे साथ थी, पहली नज़र मैं ही मैं उनको लीके करने लगी थी, बुत वो बहुत कम बात करते थे, उनको कम से बाहर जाना पराता था, तो मैं हमेशा फोन कराती थी, उनका हलचल लेती थी, फिर हमारे एस एम एस का लें-दें भी होने लगा ,,,,,

कुछ दिन बाद मैने उन्हे इनडाइरेक्ट्ली आपने प्यार का इज़हार काइया, तो वो डाइरेक्ट मुझसे बात काइया,,,,,,,,,,, इसी तरह सब बहुत अकचे से चलने लगा , हम एक दूसरे को बहुत प्यार करते ह , बुत कभी कभी उनको मेरा प्यार समझ नही आता, तो कभी मुझे उनका प्यार समझ नही आता ह, हम बहुत झगरा करते थे ओर ग़लती चाहे किसी की व तो मानती मैं ही हू…….

अब प्राब्लम ये है क हम कभी सदी नही कर सकते है, तो मैं उनको भूलना चाहती हू , बुत बहुत ट्राइ कराती हू उनको भूलने की मगेर नही भूल पा रही हू,,,,,,,,,,

तो फ्रेंड्स प्लिएसए हेल्प मे,,,,,,,,, गिव मे सम सजेशन की मैं उनको कैसे भूलु…